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कांग्रेस और बीजेपी???? का सर्वे सामने आया | बीजेपी को भारी बहुमत| Vote kro Madhya pradesh election

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Madhya pradesh election हम आपको बता दें कि आने वाले उप चुनाव की तैयारी जोर-शोर से हो रही है बीजेपी अपना पूरा दम लगा रही है तो वहीं कांग्रेस पूरी रणनीति बना चुकी है और आपको यह भी मालूम होगा कि कि बीएसपी ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं . भाई कांग्रेस की नजर जातीय समीकरण पर पूरी तरह बनी हुई है उन्होंने सब जातियों को साधने की कोशिश की हुई है तो वहीं बीजेपी कांग्रेस के कई नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है आपको मालूम ही है कि मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संकट के पहले मार्च में कैसे सत्ता पलटी, सभी ने देखा. थोक में कांग्रेस विधायकों ने घेराबंदी की और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस से इस्तीफा देकर कमलनाथ सरकार गिरा दी. लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में आए ‘रणबांकुरों’ के लिए अब बारी है फिर से बीजेपी के टिकट पर जनादेश पाने की. मौका है मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनावों का.खाली पड़ी 27 सीटों पर चुनाव कब होंगे इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है. जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 16 सीटें तो अकेले ग्वालियर चंबल क्षेत्र की हैं. वहीं कोरोना वायरस का संक्रमण भी इस इलाके में पिछले दिनों में काफी बढ़ा है. ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिलेगी मोदी कैबिनेट में जगह मंत्री बान ना तय । 

पहले चुनावी गणित समझिए Madhya pradesh election

madhya pradesh election results 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 203 सदस्य हैं और वहीं 27 सीटें खाली हैं, जिनके लिए उपचुनाव होना है. कांग्रेस 114 से घटकर 89 सीटें, बीजेपी के पास 107 और 7 अन्य विधायक हैं. कांग्रेस के 25 विधायकों ने इस्तीफा दिया है और उम्मीद की जा रही है कि ये सारे 25 लोग बीजेपी के टिकट पर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे. बीजेपी के 107 विधायक हैं और इसके अलावा 7 (BSP 2, SP 1, अन्य 4) का भी समर्थन हासिल है. आने वाले उपचुनाव में बीजेपी को बहुमत के लिए सिर्फ 9 विधायकों की जरूरत है. जबकि कांग्रेस को अगर बहुमत चाहिए तो उन्हें क्लीन स्वीप करना होगा. कम से कम 26 सीटें तो जीतनी ही होंगी.

Madhya pradesh election 2020 जब से कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है और बीजेपी सत्ता में आई है, कांग्रेस खार खाई बैठी है. उपचुनाव में कांग्रेस के पास मौका है कि वो बीजेपी को पटखनी दे और फिर से सत्ता में वापसी करे. कांग्रेस को खुद को साबित करने का मौका है, लेकिन राह इतनी आसान नहीं है. वैसे कमलनाथ अपना पूरा जोर लगा रहे हैं. बीजेपी से नाराज लोगों से वो खुद मुलाकात कर रहे हैं. राम मंदिर निर्माण के दौरान भी पूजा पाठ से लेकर हनुमान पूजा तक में वो काफी एक्टिव दिखे थे.

शिवराज ने खेल दिया है नया दांव Madhya pradesh election DATE 2020

कोरोना संकट के बीचों बीच जब उपचुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ रही है. शिवराज सरकार ने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश राज्य की सारी सरकारी नौकरियां अब सिर्फ मध्य प्रदेश के युवाओं को ही मिलेंगी. सरकार इसके लिए जरूरी कानूनी बदलाव करेगी. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शायद ये बदलाव न्यायिक पचड़े में फंस जाए. लेकिन इतना तय है कि चुनावी दांव चल दिया गया है. बीजेपी और शिवराज ने इस कदम से ये संकेत दे दिया है कि वो अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुके हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को (आरएसएस) के नागपुर में स्थित मुख्यालय पहुंचे 

बीएसपी बिगाड़ सकती है कांग्रेस का खेल

मध्य प्रदेश में जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर चंबल क्षेत्र से आती हैं. यहां जिन सीटों पर कांग्रेस जीती थी वहां से कई सारी सीटों पर बीएसपी ही दूसरे नंबर पर रही थी. मतलब दलित वोट बैंक इस इलाके में काफी अहमियत रखता है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर उपचुनाव में बीएसपी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करती है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को ही होने वाला है और बीजेपी को इस बात का फायदा होगा.

कोरोना वायरस संकट में भी राजनीति की रफ्तार तेज madhya pradesh election results

madhya pradesh election results पूरी दुनिया से अभी कोरोना वायरस संकट टला नहीं है. भारत में तो अभी तक हम पीक तक भी नहीं पहुंचे लेकिन मध्य प्रदेश में भारी तादाद में भीड़ जमा करके राजनीतिक गतिविधियों जोरों से हो रही है. पिछले दिनों कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थकों को बीजेपी में शामिल कराने के लिए दिन रात एक कर रहे हैं. सिंधिया चंबल इलाके में पूरे एक्शन में दिख रहे हैं और कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सदस्यता दिला रहे हैं.

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