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आईआईटी जेईई के 800 परीक्षार्थियों ने पहले दी परीक्षा दी

800 परीक्षार्थियों ने पहले दी परीक्षा दी

भोपाल मैं बहुत सारे केंद्र बनाए गए हैं और सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने को कहा गया है सोशल डिस्टिंग होना बहुत जरूरी है ताकि कोरोनावायरस से बचा जा सके । में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें ट्रिनिटी कॉलेज में दो सेंटर जहां पर एक में 241 परीक्षार्थी, दूसरे में 369 परीक्षार्थी और सैम कॉलेज में 100 और आईईएस कॉलेज रातीबड़ में 90 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए बैठे। परीक्षाएं इन्हीं केंद्रों में 6 सितंबर तक कराई जाएंगी।

परीक्षा केंद्र के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं
विद्यार्थियों के साथ पहुंचे अभिभावकों को किसी भी परीक्षा केंद्र के परिसर में अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई इस वजह से विद्यार्थी उनके परिजन बाहर धूप में दिन भर इंतजार करते रहे। कोरोना को लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर तो सोशल डिस्टेंसिंग रखी गई, लेकिन बाहर परीक्षार्थियों को लेने आए अभिभावक इसकी धज्जियां उड़ा रहे थे। वहां पर सुरक्षा गार्ड अभिभावकों को समझाते रहे कि दूरी बनाकर रखें, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

कई लोगों का चांस मिस हो गया
ओल्ड सिटी भोपाल की आसना फरजीन ने बताया की कोरोना की वजह से डर जरूर लगा था, लेकिन पूरी सिक्योरिटी थी। और फिर एग्जाम देना भी जरूरी था। हालांकि इस डर से कई छात्र नहीं आ पाए, इसलिए उनका आईआईटी जेईई का एक चांस मिस गया है। ऐसे में अब उनके पास एक और चांस बचेगा। परीक्षा केंद्र में बैठने की सुरक्षित व्यवस्थाएं थीं।

दूसरे राज्यों को देखकर मांग की गई थी परीक्षा स्थगित करने की
निशातपुरा निवासी इंसा ने बताया की एग्जाम नहीं कराने को लेकर हम लोग चाहते थे कि पूरे देश में परीक्षाएं स्थगित हो जाएं। मध्यप्रदेश में तो कोरोना की स्थिति इतनी खराब नहीं है, लेकिन बिहार जैसे राज्यों में जहां पर बाढ़ भी आई हुई है। वहां का सोचकर हम चाहते थे कि परीक्षाएं आगे बढ़ जाएं, लेकिन अब जब हो गई हैं तो फिर ठीक है। अंदर फैसिलिटी अच्छी दी गईं, हमें नए मास्क दिए गए। दो बार सैनिटाइज किया गया। इनविजीलेटर भी दूर से ही बात कर रहे थे। उनके चेहरे पर भी मास्क लगा हुआ था।

जैसा कि आपको पता ही कोरोनावायरस के कारण बहुत सारे एग्जाम नहीं हो पाए हैं इसी को लेकर अब जेईई मेंस के एग्जाम कराए गए हैं इसके एग्जाम आज हुए हैं 800 परीक्षार्थियों ने पहले दी परीक्षा दी
भोपाल में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें ट्रिनिटी कॉलेज में दो सेंटर जहां पर एक में 241 परीक्षार्थी, दूसरे में 369 परीक्षार्थी और सैम कॉलेज में 100 और आईईएस कॉलेज रातीबड़ में 90 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए बैठे। परीक्षाएं इन्हीं केंद्रों में 6 सितंबर तक कराई जाएंगी।
परीक्षा केंद्र के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं
विद्यार्थियों के साथ पहुंचे अभिभावकों को किसी भी परीक्षा केंद्र के परिसर में अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई इस वजह से विद्यार्थी उनके परिजन बाहर धूप में दिन भर इंतजार करते रहे। कोरोना को लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर तो सोशल डिस्टेंसिंग रखी गई, लेकिन बाहर परीक्षार्थियों को लेने आए अभिभावक इसकी धज्जियां उड़ा रहे थे। वहां पर सुरक्षा गार्ड अभिभावकों को समझाते रहे कि दूरी बनाकर रखें, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
कई लोगों का चांस मिस हो गया
ओल्ड सिटी भोपाल की आसना फरजीन ने बताया की कोरोना की वजह से डर जरूर लगा था, लेकिन पूरी सिक्योरिटी थी। और फिर एग्जाम देना भी जरूरी था। हालांकि इस डर से कई छात्र नहीं आ पाए, इसलिए उनका आईआईटी जेईई का एक चांस मिस गया है। ऐसे में अब उनके पास एक और चांस बचेगा। परीक्षा केंद्र में बैठने की सुरक्षित व्यवस्थाएं थीं।
एक मीटर की दूरी पर बिठाया गया
सुभाष नगर निवासी देवेंद्र तेजवानी ने बताया परीक्षा केंद्र में और उससे पहले करुणा से सिक्योरिटी के काफी इंतजाम किए गए थे कक्षा में हमें 1 मीटर के के फैसले के साथ बिठाया गया था। सारे प्रिकॉशंस वहां पर किए गए थे। पेपर देते समय डर नहीं लगा। हमें एक मीटर की दूरी पर बिठाया गया था।
दूसरे राज्यों को देखकर मांग की गई थी परीक्षा स्थगित करने की
निशातपुरा निवासी इंसा ने बताया की एग्जाम नहीं कराने को लेकर हम लोग चाहते थे कि पूरे देश में परीक्षाएं स्थगित हो जाएं। मध्यप्रदेश में तो कोरोना की स्थिति इतनी खराब नहीं है, लेकिन बिहार जैसे राज्यों में जहां पर बाढ़ भी आई हुई है। वहां का सोचकर हम चाहते थे कि परीक्षाएं आगे बढ़ जाएं, लेकिन अब जब हो गई हैं तो फिर ठीक है। अंदर फैसिलिटी अच्छी दी गईं, हमें नए मास्क दिए गए। दो बार सैनिटाइज किया गया। इनविजीलेटर भी दूर से ही बात कर रहे थे। उनके चेहरे पर भी मास्क लगा हुआ था।

एक मीटर की दूरी पर बिठाया गया
सुभाष नगर निवासी देवेंद्र तेजवानी ने बताया परीक्षा केंद्र में और उससे पहले करुणा से सिक्योरिटी के काफी इंतजाम किए गए थे कक्षा में हमें 1 मीटर के के फैसले के साथ बिठाया गया था। सारे प्रिकॉशंस वहां पर किए गए थे। पेपर देते समय डर नहीं लगा। हमें एक मीटर की दूरी पर बिठाया गया था।

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