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बीजेपी और शिवराज ने झोंकी पूरी ताकत, कांग्रेस का होगा सूपड़ा साफ

आपको पता ही है कि 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जिसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है कई बड़े मंत्री और के नेता ग्वालियर चंबल क्षेत्र में दौरा कर रहे हैं हम आपको बता दें कि संगठन को मजबूत करने के लिए बीजेपी अपनी पूरी सक्रियता दिखा रही है इस वक्त हम आपको बताएं कि शिवराज सरकारी योजनाओं पर को तैयार करने में जुटी हुई है जिससे उन्हें उप चुनाव में भारी बहुमत हासिल हो सके । भाजपा संगठन और शिवराज सरकार दोनों ही चुनावी मोड में आ गए हैं।एक तरफ जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों से सीधे संवाद कर आगामी योजनाओं के रोड मैप बना रहे है तो दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा संगठन की गतिविधियों को गति देने के साथ विधानसभा वार प्रमुख कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं। इसके साथ सभी को हिदायत दी जा रही है कि उप-चुनाव में किसी तरह की हीला-हवाली न करें, क्योंकि जलवा तब तक ही है जब तक सरकार है।

राज्य में आगामी समय में 27 विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव होने वाले है।

इन चुनाव में भाजपा को कम से कम नौ सीटें जीतना जरुरी है क्योंकि भाजपा अभी पूर्ण बहुमत से दूर है। राज्य की विधानसभा 230 सदस्यों वाली है, इसमें से 27 सीटें खाली है और शेष में से 107 सीटों पर भाजपा का कब्जा है, दूसरी ओर कांग्रेस के पास 89 सीटें है। वहीं निर्दलीय, बसपा व सपा की सात सीटें है।

आगामी विधानसभा के उप-चुनाव में भाजपा पच्चीस उन लोगों को उम्मीदवार बनाने वाली है जो कांग्रेस छोड़कर आए हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय पार्टी के लिए चुनौती है। यही कारण है कि संगठन लगातार बैठकें कर रहा है। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा के अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर व दतिया के विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुके है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है। आपको पता ही होगा 2018 में इस क्षेत्र से बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ा था जिसके कारण शिवराज सरकार बनते बनते रह गई और कांग्रेस की सरकार बन गई लेकिन हम आपको बताएं कि दोनों की सरकार निर्दलीयों के भरोसे थी और अभी है और 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव ही इस सरकार का फैसला करेंगे।

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