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वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया इशारा, लोन EMI पर मिल रही छूट आगे जारी रखा जा सकता है

कोरोनावायरस की घड़ी में देश में कोरोनावायरस के बढ़ते ही जा रहे हैं इसको लेकर अब वित्तीय संकट भी गहराता जा रहा है इसको लेकर वित्त मंत्री ने कुछ आदेश और कुछ चर्चाएं की है. कोरोना के इस संकट (Coronavirus Pandemic) से आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाने को तैयार है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने ईएमआई पर दी गई राहत (लोन मोरेटोरियम) की सुविधा आगे बढ़ाने के संकेत दिए है. उन्होंने फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI)) के कार्यक्रम में कहा कि लोन मोरेटोरियम को लेकर RBI के साथ बातचीत चल रही है.

आपको जैसे मालूम नहीं है कि मार्च में लॉकडाउन लगा हुआ है अभी अनलॉक की प्रक्रिया जा रही है. मार्च से लागू है लोन मोरेटोरियम-कोरोना संक्रमण के आर्थिक असर को देखते हुए आरबीआई ने मार्च में तीन महीने के लिए मोरेटोरियम (लोन के भुगतान में मोहलत) सुविधा दी थी. आगे जारी रखना बहुत जरूरी है ताकि आम लोग कमाने वाले इससे पर इसके बोज से दब ना जाए।

लोन मोरेटोरियम-वित्त मंत्री ने फिक्की में कहा कि हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में लोन रिस्ट्रक्चरिंग की जरूरत है. उन्होंने बताया कि RBI से मोरटोरियम बढ़ाने पर भी चर्चा हो रहा है.

जैसे कि पता ही है आपको कोरोना की वजह से देश में नौकरियां भी जा रहे हैं और लोगों ने फॉर ज्यादा कर भी लिया हुआ है तो इसको लेकर कहीं राहत देने का भी ऐलान किया जा सकता है। लेकिन लोन मोरेटोरियम बढ़ाने को लेकर रेटिंग एजेंसियों ने दी चेतावनी-ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने एनपीए बढ़ने का अनुमान जताया है. एसएंडपी का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 में भारतीय बैंकों का एनपीए बढ़कर 14 फीसदी तक जा सकता है. वित्त वर्ष 2020 में एनपीए 8.5 फीसदी था. एजेंसी ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण भारतीय बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी सालों पीछे चली जाएगी. इससे क्रेडिट फ्लो और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे.

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