वन दिवस जो कि हर साल 21 मार्च को बनाया जाता है भारत में और अन्य देशों में भी यह सब पहली बार 1971 में मनाया गया था इसकी शुरुआत भारत में तत्कालीन जो गृह मंत्री थे कुलपति कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने की थी यह भारत में मनाया जाता है 1950 से मनाया गया है इसकी शुरुआत की गई थी इसको इसलिए मनाया जाता है क्योंकि पूरे देश अपने मातृभूमि और अपने देश की मिट्टी से जुड़े रहें और अपने देश के बारे में जानते रहें और जागरूक भी रहे और उनको अपनी मिट्टी जंगल और वनों के महत्व पूर्ण होने की जानकारी मिलती रह

World forest day in hindi 2020
उनके लिए यही एक कारण था जो कि मनुष्य को मालूम पड़े कि हमार ले जंगल कितने महत्वपूर्ण हैं और पैसे से बढ़कर है लोग आजकल भीड़ में इतना खो जाते हैं कि वह अपने जंगलों के बारे में नहीं समझ पाते और वह जंगलों को बांटना शुरू कर देते हैं जंगल रहेंगे तभी हम रहेंगे क्योंकि पेड़ बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और लोगों में की क्षमता कम होती जा रही है कि पेड़ों से क्या होगा आज के लोग पेड़ों को पर ध्यान नहीं देते पर ऐसे कुछ लोग भी है जो जो पेड़ों से और जानवरों से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं अभी भी यह सब लालच से बढ़कर है
Happy Forest Day 2020
हम सब प्राणियों को ईश्वर ने ही जीवन दिया है जिसका हमें मूल्य अभी तक नहीं समझ में आया है हम सब एक जीवन चक्र से जुड़े हुए लोग हैं हमें सिर्फ अपने लिए ही सोच रहे हैं यानी मनुष्य अपने लिए ही सब सोचता है बाकी अन्य जीवो के बारे में अभी नहीं सोच रहा है दूसरे प्राणियों के बारे में भी हमें सोचना चाहिए उनकी परेशानियों को भी समझना चाहिए आगे चल कर हम उनके लिए खतरा बनते जा रहे हैं और वह अपने आप को बचा नहीं पा रहे हैं उदाहरण हम ले ले तो जैसे कि मधुमक्खियां मधुमक्खी अपना छत्ता बनाती हैं पर हम उसे काट काट देते हैं मधुमक्खियां अभी हमें बहुत ज्यादा शहद देती हैं पर हम उनका घर तोड़कर शहर ले लेते हैं यह दुर्भाग्य की बात है रोज से क्योंकि संख्या मे मधुमक्खियां भी मरती जा रही हैं आने वाले समय में यह भी नहीं बच पाएंगे आम रोटी के लिए इतना कुछ कर रहे हैं लेकिन हम लोग का घर तोड़कर रोटी खा रहे हैं तो ऐसा ना करें जानवरों के बारे में भी कुछ सोचे


