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Chaitra Navratri 2020 -> चैत्र नवरात्र शुरू, कब है, जानिए शुभ मुहूर्त, घट स्‍थापना, पूजा विधि और महत्‍व, Cheti Chand, Gudi Padwa | Chaitra Navratri 2020 -> Chaitra Navratri begins, know when, auspicious time, Ghat installation, Puja method and importance, Cheti Chand, Gudi Padwa,

चैत्र नवरात्रि 2020 जो कि पूरे भारत में मनाने जाने वाली है उत्तर भारत में यह 9 दिन तक देवी मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है भक्त पूरन और इसकी पूजा करते हैं और व्रत का संकल्प रखते हैं नवरात्रि का मतलब होता है 9 दिन जो कि माता के लिए रखे जाते हैं हिंदुओं का यह प्रमुख त्योहारों में से एक होता है ।

Chaitra Navratri 2020

what is chaitra navratri

नवरात्रि के साथ ही हिंदू नव वर्ष की नई शुरुआत होती है नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के सभी रूपों की एक साथ पूजा की जाती है पर अलग-अलग दिन नवरात्रि के दिनों को बहुत ही पवित्र माना जाता है इसमें नई शुरुआत की जाती है तुम लोग मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं ।

नवरात्र कब से शुरू है  आराधना और आशीर्वाद मांगते हैं आने वाले जीवन के लिए इसमें जो सच्चे मन से आशीर्वाद मांगता है उसकी मुरादें पूरी करती हैं सच्चे मन से जो पूजा करता है मां उसकी इच्छा बहुत पूरी करती हैं और हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस साल चैत्र महीने के पहले दिन से ही नववर्ष की शुरुआत से दिन में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जा रही है और और महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा यानी महाराष्ट्र का नया साल के तौर पर बनाया जाना होता है और जो कर्नाटक में रहते हैं उसे उगादी कहा जाता है ।

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आपको बता दें कि किस काल में मुख्य रूप से दो नवरात्रि होती हैं जिसमें से चैत्र नवरात्रि और शरद दिन नवरात्रि होती है चैत्र नवरात्रि में हिंदू नव वर्ष मनाते हैं और जबकि शारदीय नवरात्रि में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है

चैत्र नवरात्रि 2020 क्यों मनाई जाती है?

हिंदू पंचांग के अनुसार नवरात्रि हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरुआत की जाती है ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक मार्च 1 अप्रैल के महीने में मनाया जाता है इस बार चैत्र नवरात्रि 25 मार्च 2020 से होकर 2 अप्रैल 2020 को खत्म होने जा रही है और रामनवमी भी 2 अप्रैल को 2020 में ही मनाई जाएगी।

Chaitra Navratri  शुभ मुहूर्त, घट स्‍थापना

शारदीय नवरात्रि की तिथियां

25 मार्च 2020: नवरात्रि का पहला दिन, प्रतिपदा, कलश स्‍थापना, चंद्र दर्शन और शैलपुत्री पूजन.
26 मार्च 2020: नवरात्रि का दूसरा दिन, द्व‍ितीया, बह्मचारिणी पूजन.
27 मार्च 2020: नवरात्रि का तीसरा दिन, तृतीया, चंद्रघंटा पूजन.
28 मार्च 2020: नवरात्रि का चौथा दिन, चतुर्थी, कुष्‍मांडा पूजन.
29 मार्च 2020: नवरात्रि का पांचवां दिन, पंचमी, स्‍कंदमाता पूजन.
30 मार्च 2020: नवरात्रि का छठा दिन, षष्‍ठी, सरस्‍वती पूजन.
31 मार्च 2020: नवरात्रि का सातवां दिन, सप्‍तमी, कात्‍यायनी पूजन.
1 अप्रैल 2020: नवरात्रि का आठवां दिन, अष्‍टमी, कालरात्रि पूजन, कन्‍या पूजन.
2 अप्रैल 2020: नवरात्रि का नौवां दिन, राम नवमी, महागौरी पूजन, कन्‍या पूजन, नवमी हवन, नवरात्रि पारण

नवरात्रि मनाने से क्या होता है?

साल में एक बार नवरात्रि आती है क्योंकि लोगों को खुशियां दे जाती है चैत्र की नवरात्रि पहले प्रकट नवरात्रि होती है साल में 4 बार नवरात्रि का आती है और लोगों को खुशियां और मनचाही इच्छा पूरी करके जाती है वहां से राज्य नवरात्रि के दौरान दशहरा मनाया जाता है बता दे हिंदू धर्म नवरात्रि का विशेष महत्व नवरात्रि के 9 दिन को बहती पवित्र माना जाता है माता लोगों को आशीर्वाद दे जाती है कि सुख और समृद्धि बनी रहे लोगों के घर में 9 दिनों को बहुत ही पवित्र मानते हैं इस दौरान लोक देवी के नौ रूपों की पूजा और आराधना करते हैं ताकि उनसे आशीर्वाद मांग सकें सच्चे मन से जो आग मांगता है माता उनकी मुरादें पूरी करती है।

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कैसे मनाया जाता है यह त्यौहार नवरात्रि का

नवरात्रि का जवाब पूरे भारत में मनाया जाता है उत्तर के 9 दिन तक देवी मां के अलग-अलग रूप स्वरूप की पूजा की जाती है भक्त पूरे 9 दिन तक किस का व्रत रखते हैं संकल्प लेते हैं कि पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और अखंड ज्योति जलाई जाती है अष्टमी या नवमी के दिन कुंवारी कन्या को भोजन कराया जाता है चैत्र नवरात्रि आखरी दिन यानी कि नवमी और रामनवमी को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है हिंदू धर्म शास्त्रों के अंसार कहा गया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था रामनवमी के साथ ही मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है एक दिन मंदिर इसमें भजन कीर्तन से लेकर बहुत सारी अन्य चीजें होती है प्रसाद भी दिया जाता है इस में नवरात्रि के व्रत के भी बहुत सारे नियम है जो माता के व्रत रखते हैं वह मां की पूजा करते हैं और फल और दूध ले सकते हैं सिर्फ शाम के समय मां की आरती करना भी बहुत जरूरी होता है प्रसाद बांटे और खुद को ग्रहण भी करें फिर भोजन ग्रहण कर हो सके तो सिर्फ अन्य ना खाएं सिर्फ फलाहारी ग्रहण करें अष्टमी या नवमी के दिन नौ कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें बाहर और दक्षिणा दे संभव हो तो हवन केरल नवमी के प्रति को खत्म करें

  • Cheti Chand – Festivity
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