बसपा लेगी कांग्रेस राजस्थान का बदला मध्यप्रदेश में

हम आपको बता दें कि 27 सीटों पर उपचुनाव है जिसमें करीब 227 विधानसभा सीटें हैं जिनमें 27 सीट खाली हैं इस वक्त आपको मालूम ही होगा की कांग्रेस के बड़े नेता और मंत्री गण जो की अहम भूमिका निभा रहे थे पुरानी कांग्रेस सरकार में वह बीजेपी में शामिल हो चुके हैं ऐसे में बीजेपी को बहुत उम्मीदें हैं। कि वह 27 सीटों में अपना बहुमत साबित करेंगे विधानसभा में लेकिन बीजेपी को बहुत जरूरत है मायावती की इस वक्त इसका कारण है 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव जिसमें बीएसपी हमेशा दूसरे नंबर पर आती ही रही है इसलिए बीसपीएस अहम भूमिका होगी आने वाले चुनाव में। बीएसपी के नेताओं को आदेश है कि राजस्थान का बदला कांग्रेस से लेना ही है और कहां लिया जाए तो मायावती ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसका बदला लिया जाए ताकि कांग्रेस आगे ऐसा कभी ना कर सके।

मध्य प्रदेश उपचुनाव में सभी 27 सीटें जीतना कांग्रेस के लिए मुश्किल तो है, ऊपर से बसपा ने उसका खेल खराब करने का पूरा इंतजाम कर दिया है। पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान 227 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर भले ही 2 ही सीटें जीती हों, लेकिन उसने उपचुनाव के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 8 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। यही नहीं पीटीआई के मुताबिक पार्टी आने वाले दिनों में बाकी 19 सीटों पर भी अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने वाली है। माना जा रहा है कि मायावती की पार्टी को कांग्रेस ने राजस्थान में जिस तरह से चूना लगाया है, उसका बदला मध्य प्रदेश में कांग्रेस को हराकर वह पूरा करना चाहती हैं। क्योंकि, इन इलाकों में बसपा का प्रभाव है और उसके उम्मीदवारों को जितने वोट मिलेंगे, कांग्रेस की कठिनाई उतनी ही बढ़ने की आशंका है।

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